लखनऊ। लखनऊ विकास प्राधिकरण यानी एलडीए के दफ्तर में प्लॉट दिलाने के नाम पर ठगी और रिश्वतखोरी का मामला सामने आया है। ट्रांसपोर्टनगर में 532 वर्गफीट का प्लॉट दिलाने का झांसा देकर साढ़े 3 लाख रुपये मांगने वाले एक कथित दलाल को सोमवार को एलडीए कार्यालय में पकड़ लिया गया। आरोपी खुद को एलडीए कर्मचारी और जोनल अधिकारी के बाबू के तौर पर पेश करता था।
पीड़ित वीर सिंह के मुताबिक, पिछले साल मनोज नाम का एक व्यक्ति उनके पास आया था। उसने खुद को एलडीए के जोनल अधिकारी मान सिंह का बाबू बताते हुए ट्रांसपोर्टनगर में करीब 532 वर्गफीट का खाली प्लॉट साढ़े 3 लाख रुपये में दिलाने का दावा किया। भरोसे में आने के बाद वीर सिंह ने उसे पहले 25 हजार और बाद में करीब डेढ़ लाख रुपये दिए।
रकम लेने के बाद आरोपी लगातार टालमटोल करता रहा। कई बार फोन करने पर भी संपर्क नहीं हुआ। शक होने पर वीर सिंह ने एलडीए कार्यालय पहुंचकर जानकारी की तो अधिकारियों ने बताया कि मनोज नाम का कोई कर्मचारी वहां कार्यरत ही नहीं है।
इसके बाद भी आरोपी ने बाकी रकम लेने के लिए वीर सिंह को एलडीए कार्यालय बुलाया। वीर सिंह ने पहले ही अधिकारियों से आरोपी के बारे में जानकारी कर ली थी। सोमवार को जैसे ही आरोपी पैसे लेने पहुंचा, उसे पहचानकर पकड़ लिया गया। मौके पर मौजूद लोगों ने उसे एलडीए पुलिस चौकी के हवाले कर दिया।
पुलिस के मुताबिक, अभी मामले में तहरीर मिलने का इंतजार है। पीड़ित का कहना है कि उसने अधिवक्ता के माध्यम से पुलिस को तहरीर भेज दी है। तहरीर मिलने के बाद पुलिस मामले की जांच और आगे की कार्रवाई करेगी।
